Sunday, 1 November 2015

मराठी साहित्य

वर्णू किती वर्णन मी 
मराठी साहित्याचे 
जीवनी महत्व आहे 
अजाण साहित्यिकाचे …. 
या साहित्यात सामावली 
मुक्तमधुर भाषा 
देशाच्याही प्रांताने 
बदलली भूषा …. 
या साहित्यानेच 
वाढली मराठीची थोरवी 
निर्दयी हृद्यांनाही 
नवी फुटली पालवी …. 
मराठी साहित्याचे 
वर्चस्व जगी जाहिले 
मराठी मनावर त्याने 
सुवर्ण रत्न कोरले …. 
या महाराष्ट्रा प्राप्त 
साहित्यानेच महत्व 
निभावूनी सदैव या 
संस्कृतीचे दायित्व …. 
                                                                                   ~  चेतना चौधरी 

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